बिहार सड़क के साथ जल परिवहन में विकास

बिहार दुनिया भर के आध्यात्मिक पर्यटकों के लिए एक लोकप्रिय स्थल है। दुनिया भर के पर्यटक आज बौद्ध सर्किट के माध्यम से यात्रा कर सकते हैं।
 
  • पिछले 4 वर्षों में राष्ट्रिय राजमार्गों की लम्बाई दोगुनी हो गई है।
  • पिछले 4 वर्षों में सड़क परियोजनाओं की अवार्डेड लंबाई में 37.3% की वृद्धि हुई।
  • 4 वर्षों में 1,146 किमी राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया है।

छत्तीसगढ़ 24X7 सड़क संपर्क

2014 से छत्तीसगढ़ में सड़क बुनियादी ढांचे के विकास में तेज़ी से प्रगति देखी गई है।
 
  • छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई 3,508.4 किमी पहुंच गई है।
  • पिछले 4 वर्षों में ₹ 9,070.20 करोड़ की संभावित लागत वाले एनएच अवार्ड किए गए है।
  • सामाजिक-आर्थिक प्रगति एक नई गति है।
 

कम समय में अधिक दूरी अब तय करेगी दिल्ली

दिल्ली मास्टर प्लान में यूईआर 2 का प्रस्ताव दिया गया है।
 
  • सड़कों का ऐसा तंत्र विकसित किया गया, जिससे थमे हुए यातायात को रफ़्तार मिल सके।
  • समय और ईधन में बचत के साथ दिल्ली की प्रदूषण समस्या को हल करने का भी प्रयास किया गया है।
  • दिल्ली में नए सड़क निर्माण के लिए ₹ 60,500 करोड़ का निवेश किया जा रहा है।

गुजरात बना विकास का सेतु

भरूच ब्रिज जैसे नए राष्ट्रीय राजमार्ग इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण ने 2014-18 तक पड़ोसी राज्यों के साथ सामाजिक-आर्थिक संबंधों को मजबूत किया है।
 
  • गुजरात में एनएच की लम्बाई 7,873 किमी पहुंच गई है।
  • ₹ 1 लाख करोड़ के निवेश के साथ परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।
  • सामाजिक-आर्थिक प्रगति एक नई गति है।
 

हरियाणा प्रगति के पथ पर

हरियाणा ने राष्ट्रीय राजमार्ग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में तेज़ी देखी है। 2014 में एनएच की लंबाई 1,659 किमी से बढ़कर 2018 में 3,531 किमी हो गई।
 
  • ₹ 14,000 करोड़ के निवेश के साथ 38 विकास परियोजनाएं शुरू की गईं जो की 2019 में पूरा होने के लिए निर्धारित है।
  • कुंडली को गाजियाबाद द्वारा पलवल को जाड़ते हुए, ₹ 11,000 करोड़ की लागत से बनें, 135 किमी लम्बे, 6 लेन वाले ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे का निर्माण हुआ।

हिमाचल हर मौसम आसान सफर

हिमाचल प्रदेश राज्य अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। पिछले 4 वर्षों में, कनेक्टिविटी, पर्यटन स्थलों और पिछड़े क्षेत्रों में सुधार को प्राथमिकता दी गई है।
 
  • 16 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं पूरी की गई।
  • 639 किमी लंबाई की, 42 परियोजनाएं तेज़ी से बढ़ रही हैं।
  • हिमाचल प्रदेश में सड़क विकास के लिए ₹ 40,000 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
 

जम्मू और कश्मीर के बीच घटी दुरी

जम्मू-कश्मीर में 2014-18 के बीच प्रगति में तेज़ गति देखी गई।
 
  • एनएच की लंबाई 2014 में 1,695 किमी से बढ़कर 2018 में 2,584 किमी हो गई।
  • एनएच की संख्या बढ़कर 14 हो गई।
  • राज्य में 969 किमी से अधिक नए एनएच घोषित किये गए।
  • 400 किमी में फैले 4 राज्य राजमार्गों को एनएच में अपग्रेड किया गया।

झारखंड सड़क का बेहतर तंत्र

झारखंड खनिज सम्पदा से संपन्न राज्य है। यह राज्य ओडिशा, छत्तीसगढ़ और बिहार तक पहुंचने का मार्ग प्रदान करता है।
 
  • 4 वर्षों में एनएच 5,389 किमी बढ़ा।
  • एनएच की संख्या 23 से बढ़कर 68 हुई।
  • पिछले 4 वर्षों में सड़क परियोजनाओं में ₹ 9,472.01 करोड़ के निवेश के साथ अवार्डेड लागत में 460% की वृद्धि हुई।
 

मध्य प्रदेश नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए।

मध्य प्रदेश में, 4 वर्षों में राष्ट्रीय राजमार्ग में काफी विस्तार हुआ है। शहरों के बीच ट्रैफिक कम करने के लिए बाईपास दिए गए। सड़को का विस्तार एवं चौड़ीकरण किया गया।
  • 1,652 किमी राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण 4 वर्षों में किया गया।
  • चंबल एक्सप्रेसवे की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है जो की 300 किमी फैले, ₹ 5,000 करोड की अनुमानित लागत से बिहौरा होते हुए चंबल नदी के समानांतर चलेगा।

महाराष्ट्र में महा प्रगति

महाराष्ट्र ने पिछले 4 वर्षों में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए 3 गुना काम किया है। 2014 से पहले राष्ट्रीय राजमार्गों की लम्बाई 6,249.2 किमी थी जो की बढ़कर 2018 में 17,749 किमी हो गयी।
  • सैद्धांतिक' रूप से मंज़ूरी वाले 5,267 किमी की सड़कों को 2-लेन पेव्ड शोल्डर विकसित करने का प्रस्ताव है।
  • महाराष्ट्र के निचले इलाके के हाइवे को सुरक्षित और बेहतर बनाने पर ₹ 40,313 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं।
 

राजस्थान कम समय में अधिक सफर

राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई 2014 में 7,496 किमी से बढ़कर 2018 में 14,465 किमी हो गई।
 
  • एनएच की संख्या 2014 में 35 से बढ़कर 2018 में 85 हो गई।
  • ₹ 10,000 करोड़ की लागत से सड़क विकास कार्य पूरा हुआ।
  • ₹ 12,000 करोड़ के निवेश से 1,959 किमी कार्य तेज़ी से किया गया।
  • ₹ 2 लाख करोड़ की परियोजनाओं की योजना बनाई गई।

उत्तर प्रदेश सबको जोड रही सडके

उत्तर प्रदेश राज्य में, 2014 तक राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई 7,643 किमी थी। 2018 में, यह लंबाई बढ़कर इन प्रिंसिपल राष्ट्रीय राजमार्गों सहित 13,339 किमी हुई।
 
  • 5,696 किमी के एनएच बने।
  • एनएच निर्माण के लिए ₹ 1,20,000 करोड़ निर्धारित किये गये।
  • 3,168 किमी के लिए ₹ 35,000 करोड़ के डीपीआर तैयार किए जा रहें हैं।
 

उत्तराखंड में मज़बूत हो रहे मार्ग

उत्तराखंड, जिसे देवभूमि कहा जाता है, धार्मिक और प्राकृतिक सौंदर्य का एक अद्वितीय संयोजन है। यहाँ पर्यटन लोगों को आकर्षित करता है। राज्य में सड़क कनेक्टिविटी के सुधार के लिए सभी मौसम स्थितियों के अनुरूप सड़कों का एक नेटवर्क मजबूत और सुरक्षित किया जा रहा है।
 
  • 2018 में, केवल 4 वर्षों में 2,509 की आकृति 3,492 किमी तक पहुंच गई है।
  • दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और दिल्ली-सहारनपुर राजमार्ग के पूरा होने के बाद उत्तराखंड पहुंचना आसान होगा।
  • राज्य में 61 परियोजनाओं पर काम प्रगति पर है।